वाशिंगटन: अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में एक और तथाकथित ड्रग बोट पर घातक हमला किया है। अमेरिका सेना ने ड्रग तस्करी के आरोप में कैरिबियन सागर में टहल रहे इस जहाज पर घातक हमला किया। इस हमले में 3 तथाकथित ड्रग तस्करों की मौत हो गई है। अमेरिकी साउदर्न कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा कि नाव "कैरिबियन में ज्ञात नारको-तस्करी मार्गों से गुजर रही थी और नारको-तस्करी अभियानों में शामिल थी"। कमांड ने कहा कि इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई।
हमले से जुड़े एक वीडियो में नाव पानी में चलती दिख रही है, उसके बाद अचानक उस पर हमला होते देखा जा रहा है, जिसके बाद नाव आग की लपटों में घिर जाती है और उसमें भीषण विस्फोट हो जाता है। यह हमला शुक्रवार को हुआ। इस हमले के बाद ट्रंप प्रशासन के कथित ड्रग नावों पर हमलों से होने वाली मौतों की संख्या को बढ़ाकर 133 हो गई है। ट्रंप प्रशासन ने सितंबर 2025 की शुरुआत से ही कैरिबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में कम से कम 38 हमले किए हैं।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि क्षेत्र में "कुछ शीर्ष कार्टेल ड्रग-तस्करों" ने "हाल के (अत्यधिक प्रभावी) काइनेटिक हमलों" के कारण कैरिबियन में सभी नारकोटिक्स अभियानों को "अनिश्चित काल के लिए" रोकने का फैसला किया है। हालांकि, हेगसेथ ने अपने व्यक्तिगत सोशल मीडिया अकाउंट पर की गई इस दावे के समर्थन में कोई विवरण या जानकारी नहीं दी।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका लैटिन अमेरिका में कार्टेलों के साथ "सशस्त्र संघर्ष" में है और इन हमलों को ड्रग्स के प्रवाह को रोकने के लिए आवश्यक वृद्धि के रूप में उचित ठहराया है। लेकिन उनके प्रशासन ने "नारको-आतंकवादियों" को मारने के दावों के समर्थन में बहुत कम सबूत पेश किए हैं।
संपादक की पसंद